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दीपावली को इस प्रकार से करे पूजा

आज हम बात करेंगे दीपावली पूजा कैसे करे।।दीपावली को हम तो दीप प्रज्वलित करते हैं मगर उस दिन पुरे धूम धाम से श्री लक्ष्मी जी एवं गणेश जी की पूजा विशेष रूप से करते हैं।क्योकी धन की की आवश्यकता हम सबो की जरुरत है।

चलिए हम बात करते हैं गणेश जी और लक्ष्मी जी की पूजा कैसे करें प्रिय श्री गणेश भगवान को हम उस दिन और लक्ष्मी जी को अपने घर में आवा हित करते हैं और उनकी पूजा आराधना करके उन्हें रोशन करते हैं और वह हम पर कृपा करें ऐसी हम कामना करते हैं सर्वप्रथम हम अपने पूजा स्थल पर गाय का गोबर से लेप कर ले जहां पर लेप करने का सुविधा ना हो वहां पर गोमूत्र तुलसी गंगाजल से वहां पर पोछा लगा ले और अपने घर घर की दरवाजा पर रंगोली बना ले और घर की साज-सज्जा तो होती है उसी प्रकार से सब पत्नी के साथ में पूजा पर बैठे हैं और सर्वप्रथम गणेश जी और लक्ष्मी जी का नवीन चित्र मूर्ति जो भी अपना सुविधानुसार पहले से ही घर में ले आए और दीपावली दो रूप से मनाया जाती है प्रथम दिन धनतेरस के रात में बहुत सारे व्यापारी लोग धन की इच्छा हेतु धनतेरस के रात में ही लक्ष्मी जी और गणेश जी की पूजा करते हैं तो जिसे जब सुविधा हो पूजा करनी चाहिए तो हम बात करते हैं पूजा शुरू करने के एक लाल चौक बना ले चौकी को अच्छी तरह सजा ले पूजा राम को भी अच्छी तरह सजा लें उसके बाद लक्ष्मी जी के गणेश जी को हरा वस्त्र पसंद है तो आप उसी प्रकार से गणेश जी को हरा वस्त्र का एवं लक्ष्मी जी का सफेद वस्त्र और वस्त्र भी चलेगा पूजा शुरू करते हैं सर्वप्रथम हाथ में अक्षत फूल लेकर साधारण सा संकल्प करें मन में हे गणेश जी महाराज महालक्ष्मी चलिए हम बात करते हैं गैसिक लक्ष्मी जी की पूजा कैसे प्रिय श्री गणेश भगवान को हम उस दिन लक्ष्मी जी को अपने घर में वाहिद करते हैं और उनकी पूजा आराधना करके हैं पसंद करते हैं वह हम कृपा करें ऐसी हम कामना करते सर्वप्रथम हम अपने पूजा स्थल पर गायक गोवर हेल्प कर लें जहां से लेप करने का सविधान आओ मुहांसे गोमूत्र तुलसी गजल से वहां पर पोछा लगा ले और अपने धर्म घर की दरवाजा से रंगोली बना ले धरती सर सजा होती है उसी प्रकार से सब पत्नी के साथ में पूजा से बैठ हैं और सर्वप्रथम गणेश जी लक्ष्मी जी का नवीन सिरमोर थी जो भी अपना सुविधा नुसार वाले से घर मिले आएं और दीपावली ग्रुप से मनाई जाती है प्रथम दिन धनतेरस रात में बहुत सारे व्यापारी लोगन दीक्षा हेतु धनतेरस खैरात में लक्ष्मी जी गणेश जी की पूजा करते हैं तो इसे जब सुविधा हो पूजा करनी चाहिए तो हम बात करते हैं पूजा शुरु करने से पहले चौकी पर लाल कपड़ा बिछा ले 
1 उसपर अपनी बाई ओर कमल का फुल रखे और दाहिने तरफ चावल
2 अब हाथ में अक्षत और फूल लेकर साथ में सुपारी जल और एक सिक्का लेकर मन में ध्यान करते हुए गणेश जी और लक्ष्मी जी को आवाहन कीजिए उनको बुलाइए और मन में संकल्प कीजिए कि हम आमुख नाम आमुख गोत्र अमुक जगह पर अमुक समय में  अपने जीवन में धन्य धान्य पुत्र सुख शांति समृद्धि सभी प्रकार के कामनाओं को पूर्ण करने हेतु हम श्री हरि एवं प्रथम पूज्य गणेश एवं महालक्ष्मी पर बुला रहे हैं कृपा कर आईय और हमरी पूजा को सफल बनाने की कृपा करे।
3 अब  तीन बार  अपने ऊपर चल छोड़ के  तीन बार  थोड़ा-थोड़ा जल लेकर के  बाएं हाथ से लेकर दाहिने हाथ में लेते हुए  अपने मुख में में  छोड़ें  और बोलें  ओम  केशवाया नमः  ओम माधवाय नम  नारायणाय नमः 
4 उसके बाद  तीन बार जल  सभी देवी देवताओं के उपर  पर  छिडके
5 उसके बाद गणेश जी और लक्ष्मी जी के लिए आसन दीजिए आसन में आप कलावा दे सकते हैं रख सकते हैं वहां पर
6 अब एक दीपक जला ले और मन में संकल्प करें यह दीप देवता अब जिस प्रकार से अंधकार को दूर करते हैं उसी प्रकार से हमारे जीवन में अंधकार को दूर करें और उज्जवलता प्रदान करें 
7 अब गणेश जी और लक्ष्मी के लिए जो वस्त्र हो ऊसे पहना दें या तो वस्त्र को पहले भी पहना सकते हैं उस समय आप केवल श्रद्धा से कलवा मौली चढ़ा सकते हैं और बोल सकते हैं वस्त्रम समर्पयामि
8 अब चंदन टीका करना है अबीर गुलाल रोली चंदन इत्तर और सिंदूर सारे जो भी है उसे बारी बारी से चढ़ाते हुए बोलना है अंतिम में समर्पयामि जैसे अभी चढ़ाते हैं तो बोलिए अबिर्ं समर्पयामि गुल आलम समर्पयामि
9 अब पुष्प चढ़ाई ए, माला चढ़ाई ए ,और बोलिए पुष्पम समर्पयामि उसके बाद धूप दिखाइए, और उसके बाद दीपक दिखाइए, उसके बाद नैवेद्य ,प्रसाद उसके बाद ऋतु फल ,उसके बाद पान पता लोंग इलाइची ,उसके बाद जल उसके बाद आप यथाशक्ति गणेश जी का ओम गं गणपतए नमः, उसके बाद ओम श्री महालक्ष्म्यै का कम से कम 108 बार मंत्र की जाप कर ले हो सके तो श्री सूक्त विष्णु सहस्त्रनाम कनकधारा स्त्रोत श्री संकटनाशन गणेश स्त्रोत्रम की पाठ आप कर ले उसके बाद गणेश जी का आरती महालक्ष्मी जी की आरती विष्णु भगवान की आरती अब पुष्प चढ़ाइए माला चढ़ाइए और बोलिए पुष्पम समर्थ यामी उसके बाद धूप दिखाइए और उसके बाद दीपक दिखाइए उसके बाद नवेद ये प्रसाद उसके बाद रितु फल उसके बाद पान पत्ता लोंग इलायची उसके बाद जल उसके बाद आप जैसा शक्ति गणेश जी का ओम गन गणपतए नमः उसके बाद ओम श्री महालक्ष्मी नमः का कम से कम एक सौ आठ बार मंत्र की जाप कर लें हो सके तो श्री सूक्त ,विष्णु सहस्रनाम ,कनकधारा स्त्रोत , संकटनाशन गणेश स्तोत्र स्त्रोतम की पाठ कर ले उसके बाद गणेश जी की आरती महालक्ष्मी जी की ,आरती विष्णु भगवान की आरती करने के बाद घर के मुख्य द्वार पर शुभ लाभ लिखें एवं द्वार के मुख्य में स्वास्तिक का प्रतीक चिन्ह बनाएं धन्यवाद
 

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